रेलवे स्टेशन पार्सल विभाग में हंगामा: अधिकारी से बहस के बाद लगेज पोर्टर सस्पेंड
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 08:42 AM (IST)
लुधियाना (गौतम): रेलवे स्टेशन के पार्सल विभाग में शुक्रवार को फंड को लेकर एक अधिकारी और लगेज पोर्टर के बीच जमकर बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच गाली-गलौज तक नौबत पहुंच गई। शिकायत मिलने के बाद फिरोजपुर मंडल के आला अधिकारियों ने संबंधित लगेज पोर्टर को सस्पेंड कर दिया।
जानकारी के अनुसार लगेज पोर्टर ने पार्सल विभाग के अधिकारी पर फिरोजपुर मंडल से आने वाले फंड में हेराफेरी करने के आरोप लगाए। उसका कहना था कि प्राइवेट लगेज पोर्टरों को पूरा भुगतान नहीं किया जाता और विभागीय फंड का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा। वहीं, अधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कर्मचारी नशे की हालत में झूठे आरोप लगा रहा था। घटना के बाद पूरे विभाग में दिनभर मामले की चर्चा होती रही। बताया जा रहा है कि फिरोजपुर मंडल की ओर से पार्सल विभाग को प्राइवेट लगेज पोर्टरों से काम करवाने के लिए विशेष फंड जारी किया जाता है। प्रत्येक प्राइवेट पोर्टर को करीब 800 रुपए प्रतिदिन दिए जाने का प्रावधान है। रेलवे में सरकारी लगेज पोर्टरों की कमी के कारण माल की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए निजी पोर्टरों की सेवाएं ली जाती हैं, ताकि व्यापारियों को परेशानी न हो।
सूत्रों के अनुसार संबंधित सरकारी लगेज पोर्टर शराब के नशे में अधिकारी के कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने फंड के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए बहस शुरू कर दी। पोर्टर का आरोप था कि कई व्यापारी अपनी निजी लेबर से माल लोड और अनलोड करवाते हैं तथा भुगतान भी खुद करते हैं, जबकि विभाग की ओर से इसके लिए अलग से फंड जारी होता है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करवाया और पोर्टर को दूसरे कार्यालय में बैठाया। हालांकि, मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पोर्टर को सस्पेंड कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक अब विभागीय अधिकारी भी इस फंड के उपयोग की जांच कर रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हर महीने आने वाले फंड का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।

