खाड़ी युद्ध के साए में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ेगी महंगाई

punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 11:33 AM (IST)

जालंधर (धवन): खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है और इसकी कीमत बढ़कर करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। कच्चे तेल की कीमतों में इस तेजी ने भारत सहित कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका को जन्म दे दिया है। यूनिक ग्रुप के चेयरमैन विनोद घई का कहना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

भारत जैसे देश, जो अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करते हैं, उनके लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर पैट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ता है। इसके कारण परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिससे बाजार में आने वाली लगभग हर वस्तु की कीमत प्रभावित होती है। उद्योग जगत का मानना है कि आने वाले समय में कच्चे माल (रॉ मैटीरियल) की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कच्चे तेल के महंगे होने से प्लास्टिक, कैमिकल, उर्वरक, स्टील और परिवहन जैसे कई क्षेत्रों पर दबाव बढ़ेगा। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों की लागत बढ़ सकती है, जो पहले ही वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो उत्पादन में कमी और कीमतों में और बढ़ौतरी देखने को मिल सकती है।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इस स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। यदि तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो इसका असर महंगाई दर, व्यापार और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे सकता है। फिलहाल बाजार की निगाहें खाड़ी क्षेत्र की स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार की आगामी चाल पर टिकी हुई हैं।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Kalash

Related News