परिसीमन और महिला आरक्षण का क्या होगा पंजाब पर असर, राज्य के हिस्से आएंगी कितनी सीटें
punjabkesari.in Friday, Apr 17, 2026 - 10:53 AM (IST)
पंजाब डैस्क : केंद्र सरकार ने वीरवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित 3 विधेयकों को पेश किया। इससे लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें मिलेंगी। बता दें कि लोकसभा में चर्चा करने और पारित करने के लिए वीरवार को 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' तथा 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किए गए। संसद की इस तीन दिवसीय बैठक के दौरान 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण कानून) में संशोधन कर इसे 2029 तक लागू करने का प्रावधान किया जा रहा है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
बढ़ाई जाएंगी लोकसभा सीटों की संख्या
जानकारी के अनुसार मसौदा संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद, 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा की सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी तथा महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का आवंटन विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में क्रमिक रूप से किया जाएगा।
‘रोटेशन सिस्टम’ से हर 5 साल में बदलेंगी सीटें
अगर पंजाब की बात करें तो राज्य में भी महिलाओं की लोकसभा में सीटें रिजर्व हो जाएंगी। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि ये सभी सीटें एक समान नहीं रहेंगी बल्कि हर 5 साल बाद इन्हें बदला जाएगा। महिला आरक्षण में रोटेशन सिस्टम होगा जिसके चलते हर 5 सालों में राज्य में सीटें बदली जाएंगी। उदाहरण के तौर पर 2029 में लोकसभा चुनावों दौरान पंजाब में 6-7 सीटें महिलाओं की आरक्षित होंगी लेकिन 5 साल बाद 2034 के चुनावों के लिए फिर से जनगणना के हिसाब से महिलाओं की सीटें आरक्षित की जाएंगी।
पंजाब की लोकसभा सीटों का इतिहास
पंजाब में 1952 से 1966 तक लोकसभा की 22 सीटें होती थीं लेकिन विभाजन के बाद हरियाणा और चंडीगढ़ बन जाने के कारण पंजाब की लोकसभा सीटें घटकर 13 पर सिमट कर रह गईं। फिर 1976 में सीटें फ्रीज कर दी गईं जिसके बाद से लेकर अब तक पंजाब की लोकसभा सीटें 13 ही हैं। लेकिन अब इन विधेयकों के पारित हो जाने के बाद पंजाब की लोकसभा सीटों में 6-7 सीटें और बढ़ने की संभावना है जिसे महिलाओं के लिए आरक्षित रखा जा सकता है। इस लिहाज से 2029 के लोकसभा चुनावों दौरान पंजाब की सीटें बढ़कर 19-20 तक पहुंच सकती हैं।
महिला आरक्षण का 2027 विधानसभा चुनावों पर क्या पड़ेगा असर
वहीं आगामी विधानसभा चुनावों पर इस परिसीमन और महिला आरक्षण का कोई असर नहीं होगा क्योंकि 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में एक साल में सीटों को बढ़ाना संभव नहीं है। इसलिए 2027 के विधानसभा चुनावों में केवल 117 सीटों पर ही चुनाव लड़े जाएंगे। फिर 2029 में लोकसभा चुनावों के बाद जनगणना के आधार पर विधानसभा सीटें भी बढ़ाई जाएंगी।
पंजाब में से अब तक बनीं केवल 13 महिला सांसद
वहीं अगर हम 1951 से लेकर अब तक हुए लोकसभा चुनावों की बात करें तो पंजाब में से बहुत ही कम संख्या में महिलाएं सांसद बनी हैं। आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में अब तक केवल 13 महिलाएं ही लोकसभा तक पहुंची हैं। सबसे ज्यादा 2009 के चुनावों में सबसे ज्यादा 4 महिलाएं सांसद बनी थीं। इनमें शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल अब तक 4 बार सांसद बन चुकी हैं और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी अब तक 3 बार सांसद बन चुकी हैं।
2024 के लोकसभा चुनावों में किसकी हुई जीत
वहीं 2024 के चुनावों की बात करें तो केवल 6 महिलाओं को लोकसभा चुनावों का टिकट दिया गया था जिसमें भाजपा ने सबसे ज्यादा 3 महिलाओं को टिकट दिया था लेकिन इनमें से एक भी महिला चुनाव नहीं जीत सकी। 2024 के चुनावों के दौरान केवल शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ही इकलौती महिला थीं जिन्होंने चुनाव जीता था।
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