Highcourt की सख्ती के बाद ''गलाडा'' का Action: 47 अवैध निर्माणों पर लटकी तोड़फोड़ की तलवार
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 02:04 PM (IST)
लुधियाना (राज): महानगर के पॉश इलाके साउथ सिटी और नहर के किनारों पर अवैध कब्जा जमाकर व्यापारिक इमारतें खड़ी करने वालों के खिलाफ ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गलाडा) ने अब निर्णायक जंग छेड़ दी है। लुधियाना सिटीजन काउंसिल द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद प्रशासन ने फिरोजपुर रोड से लाधोवाल को जोड़ने वाली कनेक्टिंग रोड और साउथ सिटी नहर के दोनों तरफ बने 47 अवैध व्यापारिक प्रतिष्ठानों को ढहाने की पूरी तैयारी कर ली है।
इस मामले में हुई विस्तृत जांच के बाद गलाडा के फील्ड स्टाफ ने 47 ऐसी व्यापारिक इमारतों की पहचान की है जो नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई हैं। अवैध निर्माण करने वालों ने सरकार की नियमितीकरण पॉलिसियों का सहारा लेकर बचने की कोशिश तो बहुत की, लेकिन गलाडा ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2013 की पॉलिसी के तहत प्राप्त हुई 25 अर्जियों और वर्ष 2018 की पॉलिसी के तहत आई 4 अर्जियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सिरे से खारिज कर दिया गया है। इतना ही नहीं, एक प्लॉट और दो इमारतों को पूर्व में जारी किए गए रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट भी अब रद कर दिए गए हैं, जिससे इन इमारतों के मालिकों के पास अब कोई कानूनी बचाव नहीं बचा है।
प्रशासन ने अब स्पष्ट अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि सभी उल्लंघनकर्ता अपने अवैध निर्माणों को तुरंत अपने खर्चे पर खुद ही हटा लें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो माननीय हाई कोर्ट में दिए गए हलफनामे और पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 1995 के तहत गलाडा द्वारा इन इमारतों को सील करने या ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि पीला पंजा चलने की स्थिति में जो भी खर्चा होगा, वह संबंधित मालिकों से ही वसूला जाएगा। हाई कोर्ट की इस सख्ती और गलाडा के एक्शन के बाद अब उन लोगों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने नेशनल हाईवे और नहर के किनारों पर अवैध निर्माण कर रखे हैं।

