स्वतंत्रता दिवस पर साइबर ठगों से रहें सावधान, बधाई संदेशों और लुभावने ऑफर वाले लिंक पर Click करना पड़ सकता है भारी

punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 09:35 AM (IST)

लुधियाना(राज) : स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर जहां सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉम्र्स पर शुभकामना संदेशों का तांता लग जाता है, वहीं इसी भीड़ और भरोसे का फायदा उठाने के लिए साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने वाले बधाई संदेशों के बीच आया एक फर्जी लिंक, लुभावना गिफ्ट ऑफर या कोई संदिग्ध फाइल आपकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी साफ कर सकती है। जालसाज ऐसे मौकों पर लोगों की भावनाओं और उत्सुकता का फायदा उठाकर मोबाइल का पूरा एक्सेस अपने हाथ में ले रहे हैं।

पुलिस की चेतावनी अनजान ही नहीं, जान-पहचान वालों के संदिग्ध मैसेज से भी बचें :
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य पुलिस प्रशासन और साइबर विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस काा कहना है कि स्वतंत्रता दिवस या अन्य त्योहारों के दौरान अगर किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री-गिफ्ट, विशेष ऑफर या लकी-ड्रॉ का दावा करने वाला कोई लिंक आए, तो उस पर भूलकर भी क्लिक न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कई बार ऐसा मैसेज किसी बेहद करीबी या परिचित के नंबर से भी आ सकता है, क्योंकि, अपराधियों ने उनका फोन पहले से हैक किया हुआ हो सकता है। इसलिए बिना जांच-परख के किसी भी लिंक को न खोलें।

ऐसे बिछाते हैं जाल, एक लिंक और पूरा मोबाइल हैक
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रीय अवसरों पर करोड़ों संदेशों के आदान-प्रदान का फायदा उठाकर ठग एक पूरी चेन बनाते हैं। सबसे पहले वे किसी एक व्यक्ति का फोन हैक करते हैं और उसके व्हाट्सएप मैसेज कॉन्टैक्ट्स में मौजूद सभी लोगों को आकर्षक संदेशों के साथ फर्जी लिंक भेज देते हैं। चूंकि मैसेज किसी परिचित के नंबर से आता है, इसलिए लोग बिना सोचे-समझे उस पर भरोसा कर लेते हैं। जैसे ही कोई उस लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन भी ठगों के नियंत्रण में चला जाता है और इस तरह यह साइबर ठगी का जाल तेजी से फैलता है।

पीडीएफ और एपीके फाइल में समझें अंतर, शादी के डिजिटल कार्ड से भी रहें सतर्क
साइबर सेल के पुलिस मुलाजिम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बधाई संदेशों के साथ भेजी जाने वाली ए.पी.के. फाइलों से पूरी तरह दूर रहें। अक्सर लोग सामान्य पीडीएफ और एपीके फाइल में अंतर नहीं समझ पाते। पीडीएफ यह एक साधारण डॉक्यूमेंट होता है, जिसे खोलने के लिए मोबाइल में किसी नई ऐप को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती। जबकि एपीके फाइल यह एक एप्लीकेशन फाइल होती है। इस पर क्लिक करते ही बैकग्राउंड में एक खतरनाक ऐप इंस्टॉल हो जाती है, जो आपके मोबाइल के बैंकिंग ऐप, मैसेज, गैलरी और निजी डेटा का पूरा कंट्रोल अपराधियों को दे देती है। आजकल शादी-ब्याह के डिजिटल निमंत्रण पत्र और बधाई संदेशों के नाम पर भी एपीके फाइलें भेजी जा रही हैं, जिनसे सावधान रहने की सख्त जरूरत है।

ठगी होने पर क्या करें? तुरंत 1930 पर करें कॉल
अगर अंजाने में कोई व्यक्ति ऐसे किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है या किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद मोबाइल में गड़बड़ी का अंदेशा होता है, तो बिना एक मिनट भी गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। समय रहते 1930 पर दी गई शिकायत से वित्तीय सुरक्षा तंत्र तुरंत सक्रिय हो जाता है और ठगों द्वारा उड़ाए गए पैसे को होल्ड/ब्लॉक करवाने में मदद मिलती है, जिससे वित्तीय नुकसान को कम से कम किया जा सकता है।


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Vatika

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