करोड़ों की लागत से बने Halwara Airport की निकली हवा! पहली तूफानी बारिश ने खोली PWD की पोल
punjabkesari.in Saturday, May 30, 2026 - 10:54 PM (IST)
लुधियाना (हितेश): हलवारा एयरपोर्ट को लेकर हाल ही में एयर इंडिया द्वारा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके 24 घंटे के भीतर ही एयरपोर्ट टर्मिनल की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पहली ही तूफानी बारिश के दौरान टर्मिनल भवन के कई हिस्सों में पानी का रिसाव शुरू हो गया, जबकि कुछ स्थानों पर बाहरी संरचना को भी नुकसान पहुंचा है।

गौरतलब है कि इस टर्मिनल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से करवाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 फरवरी को इस परियोजना का उद्घाटन किया था, जबकि दिल्ली के लिए पहली उड़ान 15 मई से शुरू हुई थी। इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू समेत कई प्रमुख नेता भी एयरपोर्ट का दौरा कर चुके हैं।

बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट शुरू होने के महज 15 दिनों के भीतर ही पहली तेज बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के दौरान टर्मिनल के फ्रंट एलिवेशन का एक हिस्सा उखड़ गया, जबकि कई स्थानों से पानी का रिसाव होने लगा।

जानकारी के अनुसार, मेन एंट्री गेट, छत, टिकट काउंटर, इलेक्ट्रिकल रूम तथा कन्वेयर बेल्ट के आसपास के हिस्सों में भी पानी टपकता देखा गया। यात्रियों द्वारा टर्मिनल के भीतर पानी रिसने की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा की जा रही हैं, जो तेजी से वायरल हो रही हैं।

यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब एयर इंडिया ने एक दिन पहले ही हलवारा एयरपोर्ट से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर अपना शेड्यूल जारी किया था। ऐसे में एयरपोर्ट की निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण (क्वालिटी कंट्रोल) संबंधी मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप हैं कि परियोजना के निर्माण के दौरान आवश्यक मानकों की अनदेखी की गई। इसके बावजूद PWD विभाग द्वारा ठेकेदार को करोड़ों रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया और बाद में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा होने का प्रमाण-पत्र भी सौंप दिया गया।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर PWD विभाग के अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं, पहली ही बारिश में सामने आई खामियों ने करोड़ों रुपये की लागत से बने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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