जालंधर में छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाने वाले के बेटे ने करा दी बल्ले-बल्ले, Indian Cricket Team में हुआ Select
punjabkesari.in Friday, Jun 12, 2026 - 12:09 PM (IST)
जालंधर : जालंधर के उभरते क्रिकेटर अर्जुन राजपूत ने मेहनत और संघर्ष के दम पर बड़ा मुकाम हासिल किया है। उनका चयन भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के तहत श्रीलंका दौरे पर जा रही है। कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद अर्जुन चयनकर्ताओं की नजर में आए। बता दें कि राम नगर, जालंधर निवासी अर्जुन ने महज सात साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले अर्जुन की शुरुआती कोचिंग जालंधर में कोच विक्रम सिद्धू से हुई। उन्होंने बचपन में अर्जुन की प्रतिभा को पहचाना और उनका पहला क्रिकेट बैट भी स्पॉन्सर किया।
अर्जुन ने कूच बिहार ट्रॉफी में केरल के खिलाफ 200 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जबकि सौराष्ट्र के विरुद्ध 121 रनों का शतक भी जड़ा। अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर लगातार शानदार खेल के चलते उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में साबित किया।
अर्जुन ने PAP और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की अकादमियों में रहकर अपनी तकनीक को मजबूत किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए जालंधर के एक निजी स्कूल ने उन्हें 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप दी, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट पर भी पूरा ध्यान दे सके।
अर्जुन के पिता होती राम डीएवी कॉलेज के पास छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाते हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। बेटे के चयन पर परिवार के साथ-साथ जिला क्रिकेट संघ और खेल जगत ने भी खुशी जताई। पंजाब से कुल चार खिलाड़ियों का चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हुआ है। इनमें सागर विर्क (पटियाला), अर्जुन राजपूत (जालंधर), अनमोलजीत सिंह (लुधियाना) और इशान सूद (रोपड़) शामिल हैं। यह पंजाब क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
2007 में जन्मे अर्जुन राजपूत पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। वह आक्रामक बल्लेबाजी के साथ दाएं हाथ से मध्यम गति की गेंदबाजी भी करते हैं और टीम में ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं।
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