लुधियाना ब्लास्ट साजिश में बड़ा खुलासा! मलेशिया से डिपोर्ट गैंगस्टर जस बहबल पुलिस के शिकंजे में
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 09:14 AM (IST)
लुधियाना, (राज) : महानगर की व्यस्त सब्जी मंडी को चीनी हैंड ग्रेनेड से दहलाने की अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश के मामले में लुधियाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार को मलेशिया से डिपोर्ट किए गए कुख्यात गैंगस्टर जसप्रीत सिंह उर्फ जस बहबल को फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर हासिल कर लिया है। जस बहबल, अजय और पवनदीप को कुछ दिन पहले ही मलेशिया से प्रत्यर्पित (एक्सट्राडाइट) कर भारत लाया गया था। पुलिस तीनों को 27 अक्टूबर को शिवपुरी इलाके से बरामद हुए चाइनीज हैंड ग्रेनेड मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में तलाश रही थी।
शिवपुरी चौक पर चमड़े के बैग से मिला था चीनी हैंड ग्रेनेड
गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को पीसीआर टीम ने शिवपुरी चौक के पास दो संदिग्ध युवकों—कुलदीप और शेखर को एक चमड़े का बैग ले जाते देखा था। संदेह होने पर जब पुलिस ने उन्हें तलाशी के लिए रोका, तो शेखर मौके से भागने में सफल रहा, जबकि कुलदीप को पुलिस ने धर दबोचा। तलाशी के दौरान कुलदीप के चमड़े के बैग से एक जिंदा चाइनीज हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए थे।
अमृतसर से लाकर सब्जी मंडी में ब्लास्ट का था टारगेट
पकड़े गए आरोपी कुलदीप से गहन पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि मुक्तसर जेल में बंद दो कैदियों परविंदर सिंह और रमणीक उर्फ अमरीक सिंह ने उन्हें यह ग्रेनेड अमृतसर से लुधियाना लाने का काम सौंपा था। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य लुधियाना की भीड़भाड़ वाली सब्जी मंडी के पास ग्रेनेड ब्लास्ट कर भारी तबाही मचाना और पंजाब की शांति को भंग करना था।
जेलों से ऑपरेट हो रहा था मॉड्यूल, कुल 10 आरोपी आए रडार पर
जांच को आगे बढ़ाते हुए लुधियाना पुलिस ने विभिन्न जेलों में बंद और बाहर सक्रिय साजिशकर्ताओं के पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया। मुक्तसर जेल से: रमणीक उर्फ अमरीक सिंह और परविंदर सिंह उर्फ चिड़ी को गिरफ्तार किया गया। गंगानगर जेल (राजस्थान) से: विजय और करणवीर सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया। फरीदकोट जेल से सुखजीत सिंह उर्फ सुख बराड़ और सुखविंदर सिंह को नामजद किया गया। अन्य सहयोगी साजन कुमार, कुलदीप सिंह, शेखर सिंह और अजय सिंह निवासी मुक्तसर साहिब को दबोचा गया। इस पूरे मॉड्यूल की कडिय़ां जोड़ते हुए पुलिस को पता चला कि मलेशिया में बैठे अजय मलेशिया, जस बहबल और पवनदीप ही इस पूरे नेटवर्क के असली मास्टरमाइंड हैं। इसके बाद पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाकर तीनों को मलेशिया से भारत डिपोर्ट करवाया।
मलेशिया में पाकिस्तानी हैंडलर अली के जरिए आई.एस.आई. से जुड़ा नेटवर्क
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में अजय और पवनदीप से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है, जबकि जस बहबल को फरीदकोट पुलिस किसी अन्य मामले में ले गई थी। अब लुधियाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। जांच में सामने आया है कि जस बहबल मलेशिया में रहते हुए अली नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक के संपर्क में आया था। इसी अली के जरिए जस बहबल का सीधा संपर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से हुआ। राजस्थान के गंगानगर निवासी अजय और फरीदकोट निवासी जस बहबल के पंजाब और राजस्थान की जेलों में पहले से संपर्क थे। उन्होंने जेलों में बंद अपने गुर्गों को साथ जोड़ा, जिन्होंने आगे लुधियाना में ब्लास्ट को अंजाम देने के लिए शूटर/कूरियर तैयार किए थे। पुलिस अब जस बहबल को रिमांड पर लेकर विदेशी फंडिंग, हथियारों की सप्लाई चेन और अन्य छिपे हुए ठिकानों को लेकर कड़ी पूछताछ करेगी।

