मालिक की फर्जी WhatsApp DP लगाकर करोड़ों रुपए की ठगी, पुलिस ने दूसरे आरोपी को किया गिरफ्तार

punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 06:11 PM (IST)

लुधियाना (राज) : महानगर में एक प्रतिष्ठित कारोबारी फर्म के मैनेजर को कंपनी मालिक की फर्जी फोटो डीपी लगाकर करीब 2 करोड़ 45 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार बनाने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कमिश्नरेट पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के दूसरे मुख्य आरोपी मनविंदर सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने बैंक खातों में ठगी की मोटी रकम ट्रांसफर करवाई थी। अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने आरोपी का 2 दिन का रिमांड हासिल किया है, जिससे गिरोह के अन्य फरार साथियों और बैंक खातों के नेटवर्क को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।

जानकारी देते हुए एसएचओ सतबीर सिंह और एसआई हरिंदरपाल सिंह ने बताया कि शातिर साइबर ठगों ने सुनियोजित साजिश के तहत एक फर्म के मालिक की तस्वीर (प्रोफाइल पिक्चर) का इस्तेमाल कर नया व्हाट्सएप अकाउंट बनाया। इसके बाद ठगों ने फर्म के मैनेजर से संपर्क साधा और खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए एक अन्य फर्म के साथ बड़ी बिजनेस डील का हवाला दिया। झांसे में आकर मैनेजर ने बिना गहनता से जांच किए कथित मालिक के निर्देशों पर अलग-अलग खातों में कुल 2 करोड़ 45 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर कर दी। बाद में जब असली मालिक से बात हुई, तो फर्म को एहसास हुआ कि वे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का शिकार बन चुके हैं।

थाना साइबर क्राइम ने बिछाया जाल, दूसरा आरोपी मनविंदर मनी काबू :

पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के दिशा-निर्देशों पर थाना साइबर क्राइम की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर हरिंदर पाल सिंह और साथी पुलिसकर्मियों ने टेक्निकल इनपुट्स और बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेल के आधार पर 8 सितंबर को केस नंबर 26/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए लुधियाना निवासी मनविंदर सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा मनविंदर मनी के खातों में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने आरोपी मनविंदर सिंह उर्फ मनी को माननीय अदालत में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस साइबर सिंडिकेट की कमान किसके हाथ में है और रकम को किन-किन अन्य खातों या हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया है।

फर्म को 24 लाख रुपए दिलाए गए वापिस :

पुलिस ने बताया कि साइबर सेल की तत्परता के चलते अब तक पीड़ित फर्म के करीब 24 लाख रुपये होल्ड करवाकर वापस दिलवाए जा चुके हैं। बाकी रकम को फ्रीज करवाने और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए बैंक नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इस बड़े खुलासे के बाद लुधियाना पुलिस ने आम जनता और विशेष रूप से उद्योगपतियों व व्यापारियों से अपील की है कि वे वित्तीय लेन-देन के मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतें। पुलिस ने हिदायत दी है कि यदि किसी भी सोशल मीडिया हैंडल, व्हाट्सएप या ईमेल पर मालिक अथवा उच्चाधिकारी की फोटो लगाकर अचानक बड़ी रकम ट्रांसफर करने का निर्देश मिले, तो बिना फोन कॉल पर आवाज की पुष्टि किए कोई भुगतान न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाएं।

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News Editor

Kamini

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