महाशिवरात्रि की छुट्टी पर सियासत गर्म, भारत भूषण आशु ने सरकार को घेरा
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 05:06 PM (IST)
लुधियाना: भारत भूषण आशु ने महाशिवरात्रि के अवसर पर घोषित सरकारी अवकाश को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गजटेड छुट्टी होने के बावजूद सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुबह सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो धार्मिक भावनाओं और प्रशासनिक एकरूपता दोनों के लिहाज से चिंताजनक है।
आशु ने कहा कि महाशिवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर छुट्टी का मतलब केवल अवकाश देना नहीं, बल्कि उसके आध्यात्मिक महत्व और लोगों के धार्मिक कर्तव्यों को निभाने के अधिकार को मान्यता देना भी है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं, रात्रि जागरण और पारिवारिक धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, जिनमें बच्चे और शिक्षक भी शामिल होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि छुट्टी वाले दिन ही स्कूलों को विद्यार्थियों और स्टाफ को सरकारी कार्यक्रमों में बुलाने के निर्देश दिए जाएं, तो छुट्टी का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। कागज़ों पर अवकाश और व्यवहार में उपस्थिति की अपेक्षा रखना उचित नहीं है।
आशु ने यह भी कहा कि सामाजिक अभियानों का महत्व अपनी जगह है, लेकिन उन्हें घोषित धार्मिक छुट्टियों की पवित्रता पर हावी नहीं होना चाहिए। प्रशासन को स्पष्ट, एक समान और जनता की भावनाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि घोषित अवकाश का सम्मान शब्दों और भावना—दोनों स्तर पर किया जाए, ताकि नागरिकों को सरकारी आदेश और धार्मिक कर्तव्यों के बीच चुनाव करने की स्थिति में न आना पड़े।
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