परविंदर झोटा ह+त्याकांड: मानसा जा रहे मनप्रीत अयाली हिरासत में, पुलिस पर उठाए सवाल
punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 12:30 PM (IST)
लुधियाना/जगराओं (राज): मानसा में दिनदहाड़े मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा कत्ल किए गए परविंदर सिंह झोटा के पीड़ित परिवार के साथ हमदर्दी जताने जा रहे 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख नेता मनप्रीत सिंह अयाली और उनके समर्थकों को जगराओं पुलिस ने हलवारा चौक पर नाकाबंदी कर रोक लिया।
पुलिस अधिकारियों के साथ काफी देर तक चली तकरार और बातचीत के बाद पुलिस ने अयाली और उनके साथियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया और सरकारी गाड़ियों में बैठाकर थाना रायकोट ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, मनप्रीत सिंह अयाली अपने समर्थकों के काफिले के साथ मानसा के लिए रवाना हुए थे। वह मानसा में दिनदहाड़े कत्ल किए गए परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलकर शोक व्यक्त करना चाहते थे। जैसे ही उनका काफिला हलवारा चौक के पास पहुंचा, जगराओं पुलिस ने पहले से की गई मजबूत नाकाबंदी के जरिए उनके वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। अयाली और समर्थकों ने पुलिस अधिकारियों से आगे जाने की अनुमति मांगी और तर्क दिया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से केवल पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
'जनता की सुविधा के लिए नहीं लगाया जाम'—अयाली
हिरासत में लिए जाने के दौरान मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि अगर वे चाहते तो पुलिस की इस मनमानी के खिलाफ सड़क पर धरना देकर मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम कर सकते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'वारिस पंजाब दे' की लड़ाई पंजाब के लोगों के हकों और इंसाफ के लिए है, इसलिए वे कभी भी आम जनता, राहगीरों और वाहन चालकों को किसी किस्म की परेशानी में नहीं डालना चाहते। अयाली ने बताया कि उन्होंने बार-बार पुलिस अधिकारियों से शांतिपूर्वक मानसा जाने देने का आग्रह किया था, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी और जबरन उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया।
पक्षपातपूर्ण रवैये पर खड़े किए गंभीर सवाल
मनप्रीत सिंह अयाली ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब पंजाब के अन्य राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग बेरोकटोक मानसा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिल रहे हैं, तो सिर्फ 'वारिस पंजाब दे' के नेताओं को ही क्यों निशाना बनाकर रोका जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन दोहरे मापदंड अपना रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रहा है। उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

