Punjab : 2 जिलों में नगर निगम चुनाव रद्द, 50 वार्डों में दोबारा से चुनाव कराने के निर्देश
punjabkesari.in Wednesday, Oct 07, 2026 - 08:56 PM (IST)
पटियाला/सनौर, (मनदीप जोसन) : सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए पटियाला तथा मोगा के 50 वार्डों में दोबारा चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं। यह चुनाव हाईकोर्ट के पूर्व जज की अगुवाई में होंगे तथा माननीय हाईकोर्ट के मुख्य जज को दिखाए बिना परिणाम घोषित नहीं होंगे।
इन चुनावों को न्यायिक निगरानी में 6 सप्ताह के भीतर दोबारा करवाने के आदेश जारी किए हैं। दिसंबर 2024 में हुए पटियाला तथा मोगा नगर निगम चुनावों में बड़े स्तर पर बूथ कैप्चरिंग, फर्जी वोट डालने और नामांकन पत्र दाखिल न करने देने के मामले में कई पक्ष माननीय हाईकोर्ट तथा फिर सुप्रीम कोर्ट में पहुंची थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में तथ्य-खोज आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि पटियाला के 28 वार्डों के अलावा नगर कौंसिल धर्मकोट के 7 वार्डों तथा नगर कौंसिल बाघा पुराना के सभी 15 वार्डों के चुनावों को धांधली से प्रभावित माना गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा एक सप्ताह के भीतर एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को निगरानी समिति के रूप में नियुक्त किया जाएगा और चुनाव कार्यक्रम तब तक जारी नहीं किया जा सकेगा, जब तक समिति का गठन नहीं हो जाता। इसके साथ ही हाईकोर्ट बार के दो या तीन वरिष्ठ सदस्यों को ऑब्जर्वर नियुक्त किया जाएगा। पटियाला के 28 वार्डों के साथ-साथ धर्मकोट के 7 तथा बाघा पुराना के 15 वार्डों में दोबारा चुनाव होंगे।
जानकारी अनुसार पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों और मोगा जिले 22 वार्डों में नए सिरे से चुनाव होंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 50 वार्डों में चुनाव प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, बाघापुराना के सभी 15 वार्डों में चुनाव दोबारा कराए जाएंगे। पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में भी नए सिरे से मतदान होगा।
कोर्ट ने दोबारा होने वाली चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए न्यायिक निगरानी का भी प्रावधान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए विस्तृत व्यवस्था की जाएगी, ताकि नामांकन से लेकर मतदान तक की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब संबंधित 50 वार्डों में चुनावी प्रक्रिया नए सिरे से होगी। हालांकि, विस्तृत आदेश में तय समयसीमा और चुनाव कार्यक्रम के अनुसार आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

