पंजाब विजिलेंस रिश्वत केस: शिकायतकर्ता ने जताया जान का खतरा, उठाई ऑल इंडिया हथियार लाइसेंस की मांग
punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 09:07 AM (IST)
पंजाब डेस्कः पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े 20 लाख रुपए के कथित रिश्वत मामले में CBI द्वारा पिता-पुत्र और उनके ड्राइवर की गिरफ्तारी के 4 दिन बाद शिकायतकर्ता ने अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। शिकायतकर्ता ने ऑल इंडिया हथियार लाइसेंस की मांग की, लेकिन नगर निगम चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के चलते उसका आवेदन कथित तौर पर खारिज कर दिया गया।
फाजिल्का में ऑल इंडिया हथियार लाइसेंस के लिए किया था आवेदन
मुक्तसर जिले के मलोट में तैनात राज्य कर अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जांच के सिलसिले में उन्हें अक्सर मलोट और चंडीगढ़ के बीच यात्रा करनी पड़ती है। इसके अलावा वह हर सप्ताहांत राजस्थान के श्रीगंगानगर में रहने वाले अपने माता-पिता से मिलने जाते हैं। अमित कुमार ने कहा, “मेरे पास लाइसेंसी पिस्टल है, लेकिन मैं उसे केवल पंजाब में ही लेकर चल सकता हूं। अपनी सुरक्षा के लिए मैंने फाजिल्का में ऑल इंडिया हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन अधिकारियों ने चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर इसे मंजूरी नहीं दी। आरोपी काफी प्रभावशाली लोग हैं।”
गिरफ्तार हो चुके है राघव गोयल, उसके पिता विकास गोयल
इस बीच सूत्रों के मुताबिक CBI ने सोमवार रात मोहाली स्थित पंजाब विजिलैंस ब्यूरों मुख्यालय में छापेमारी कर राज्य कर अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने संबंधी कथित शिकायत की कॉपी हासिल की। सूत्रों का दावा है कि शिकायतकर्ता को दिखाए गए पत्र पर एक अधिकारी के हरे रंग की स्याही में हस्ताक्षर थे, लेकिन उस पर न तो डायरी नंबर था और न ही किसी शाखा का नाम दर्ज था। माना जा रहा है कि यह दस्तावेज जांच में अहम साबित हो सकता है और इससे कई नए खुलासे हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार यह कथित शिकायत रोहित देवगन के नाम से दर्ज कराई गई थी। इस मामले में सीबीआई पहले ही मलोट निवासी राघव गोयल, उसके पिता विकास गोयल और ड्राइवर अंकित वाधवा को गिरफ्तार कर चुकी है। राघव गोयल भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़ा हुआ था और फाजिल्का जिला प्रभारी के रूप में कार्यरत था। वह कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आता था और सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें भी साझा करता था।

