पंजाब में प्रिंसिपलों के पद खाली, जालंधर में 159 में से सिर्फ 49 पदों पर तैनाती
punjabkesari.in Sunday, Oct 18, 2026 - 01:47 PM (IST)
पंजाब डेस्क: पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की कमी शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। राज्य में स्वीकृत 1,927 पदों में से 1,113 खाली होने का दावा किया गया है। दूसरी ओर, लेक्चरर लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस देरी के कारण कर्मचारियों को अपने करियर में आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल रहा और कई शिक्षक बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
जालंधर के स्कूलों में भी पद खाली
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की ओर से जून में जारी आंकड़ों के मुताबिक, जालंधर जिले में प्रिंसिपलों के 159 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 110 पदों पर कोई नियुक्ति नहीं है और केवल 49 प्रिंसिपल तैनात हैं। एसबीएस नगर में भी 52 में से 45 पद रिक्त हैं, जबकि मानसा में 73 में से 63 पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है। आंकड़ों के अनुसार, मोहाली में प्रिंसिपलों के 47 में से 3 पद खाली हैं। अमृतसर में 119 में से 47 और पटियाला में 109 में से 39 पद रिक्त बताए गए हैं। शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि रिक्तियां दूर करने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो मार्च तक स्कूलों में प्रिंसिपलों की कमी और गंभीर हो सकती है।
चार साल से प्रमोशन का इंतजार
लेक्चरर प्रमोशन फ्रंट के अनुसार, नवंबर 2022 में 194 लेक्चररों को पदोन्नति दी गई थी। उसके बाद से नई प्रमोशन नहीं हुई। फ्रंट के हरमिंदर देयोल का कहना है कि लेक्चररों की पदोन्नति नहीं होने से प्रिंसिपल बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
कैडर विवाद पर अदालत में मामला
शिक्षकों के बॉर्डर और नॉन-बॉर्डर कैडर से जुड़ा विवाद भी प्रमोशन प्रक्रिया में बाधा बना हुआ है। वर्ष 2018 में इन कैडरों के लिए भर्ती और पदोन्नति के अलग नियम बनाए गए थे। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। शिक्षक पक्ष के मुताबिक, अदालत ने दोनों कैडरों की अलग-अलग सूचियां तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होनी है। शिक्षक संगठनों की चिंता है कि प्रमोशन में देरी और बड़ी संख्या में खाली पदों का असर स्कूलों के संचालन पर पड़ सकता है।
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