सिद्धू मूसेवाला के हत्यारे प्रियव्रत फौजी को महंगी पड़ी बेवफाई, Girlfriend ने पुलिस को दिया सुराग

punjabkesari.in Thursday, Jun 23, 2022 - 01:22 PM (IST)

लुधियाना: पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में संलिप्त प्रमुख शूटर प्रियव्रत फौजी को अपनी गर्लफ्रैंड से की बेवफाई इतनी महंगी पड़ी की गुस्से में आई उसकी गर्लफ्रैंड ने दिल्ली पुलिस को उसका सुराग दे दिया और वह कानून की गिरफ्त में आ गया। उधर, पुलिस हिरासत में पूछताछ दौरान आरोपियों ने जिन 2 कोडवर्ड ‘जैक स्पैरो’ और ‘जय हो’ का जिक्र किया है, उन्हें डिकोड करने के लिए अधिकारियों ने जी-जान लगा दी है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो सिद्धू मूसेवाला को मारने के लिए आरोपी पिछले 15 दिन से लगातार पीछा कर रहे थे लेकिन उन्हें सही मौका नहीं मिल रहा था लेकिन घटना वाली शाम जैसे ही आरोपी केकड़ा ने विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को फोन पर इसकी जानकारी दी कि सिद्धू बिना सुरक्षाकर्मियों और बुलेटप्रूफ गाड़ी के घर से थार जीप में 2 दोस्तों के साथ निकला है तो बराड़ ने तुरंत शूटरों को इसकी सूचना दी और हत्यारों ने सिद्धू की हत्या कर दी। हत्या के बाद फरार हुए मुख्य शूटर प्रियव्रत फौजी को दिल्ली पुलिस ने गुजरात से किसकी सूचना पर पकड़ा, इसको लेकर जो बात सामने आई है वो भी कम दिलचस्प नहीं है। असल में फौजी की एक साथ 3 गर्लफ्रैंड हैं जिनसे वारदात के बाद वह लगातार संपर्क में था जबकि उसकी तीसरी गर्लफ्रैंड को जब इसकी जानकारी मिली तो वह फौजी की बेवफाई से गुस्से में आ गई और दिल्ली पुलिस के पास जाकर उसका सुराग देते हुए बताया की वह फोन पर उससे सम्पर्क में है। इस जानकारी पर दिल्ली पुलिस ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया और जैसे ही फौजी ने अपनी गर्लफ्रैंड से सम्पर्क साधा तो उसकी लोकेशन मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने गुजरात के मुद्रा पोर्ट से उसे 2 साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया।

उधर, पुलिस की गिरफ्त में आए संतोष जाधव और सौरव महाकाल ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं जिसमें उनकी तरफ से 2 कोड वर्ड का भी जिक्र किया गया है, जिसमें एक ‘जैक स्पैरो’ और दूसरा ‘जय हो’ है। पुलिस के मुताबिक ‘जैक स्पैरो’ नाम वाले शख्स का काम आरोपियों को हथियार उपलब्ध करवाना था जबकि ‘जय हो’ नामक शख्स का काम उन्हें आर्थिक मदद देना था। ये दोनों लोग कौन हैं, इसको लेकर पुलिस गहरी जांच कर रही है।इस संबंधी लुधियाना में भी पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिस पर लॉरैंस बिश्नोई के भाई को फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागने में मदद करने का आरोप है, इसी आरोपी पर शहर के एक बहुचर्चित बंटी बाजवा हत्याकांड के मुख्य आरोपी की भी विदेश भागने में मदद देने का पुलिस दावा कर रही है।

9वीं बार दिया वारदात को अंजाम
सिद्धू मूसेवाला को मारने के लिए कई बार रेकी कर चुके हत्यारों ने उसके गांव की एक एक गली और सड़क का पूरा नक्शा तैयार किया था। कई माह से इसकी रेकी कर रहे आरोपियों ने 15 दिनों तक लगातार मूसेवाला का पीछा किया और 9वीं बार हत्या की वारदात को अंजाम दिया। उधर, एक बातचीत दौरान मूसेवाला हत्याकांड के साजिशकर्त्ता गोल्डी बराड़ ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने मूसेवाला को कई बार समझाया और उनके और दूसरे गैंगस्टर धड़ों में चल रही गैंगवार से बाहर रहने की भी सलाह दी थी। इतना ही नहीं गोल्डी ने आरोप लगाया कि विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में शामिल शूटरों को न सिर्फ उसके मैनेजर ने रहने के लिए जगह उपलब्ध करवाते हुए रेकी तक करवाई थी बल्कि एक और पंजाबी सिंगर का रिश्तेदार बाकायदा उनके लिए खाने-पीने तक का प्रबंध करता रहा, इतना ही नहीं मूसेवाला ने मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में संलिप्त अपने मैनेजर को दुबई दौरे दौरान अपने साथ रखा बल्कि कत्ल में नाम आने पर उसे देश से भी भगा दिया। गोल्डी ने इस दौरान कई और भी खुलासे करते हुए आरोप लगाया कि मूसेवाला बेहतरीन लेखक और गायक था और उसके लॉरैंस बिश्नोई के साथ भी अच्छे संबंध थे, इसीलिए उन्होंने कई बार उसे गैंगस्टर धड़ों में छिड़ी गैंगवार से बाहर रहने की सलाह दी थी लेकिन वह दोनों तरफ के गैंगस्टरों से निरंतर संबंध बनाए हुए था, यहां तक कि एक बार तो लखबीर लंडा ने उनमें और मूसेवाला में समझौता तक करवाया था। इतना ही नहीं, गोल्डी ने पंजाबी सिंगर करन औजला के घर पर हुई फायरिंग से भी मूसेवाला का कथित संबंध होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने भाइयों गुरलाल बराड़ और विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्याओं का बदला लिया है और इस काम के लिए उन्हें किसी से सुपारी लेने की न तो जरूरत है, न ही उन्होंने ली है।


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Vatika

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