393.91 करोड़ बोगस बिलिंग मामले में हुई तीसरी गिरफ्तारी, किए बड़े खुलासे

1/13/2021 12:36:16 PM

लुधियाना(सेठी): सैंट्रल जी.एस.टी. के एंटी एवेजन विंग द्वारा पकड़े गए 393.91 करोड़ बोगस बिलिंग मामले में एक और गिरफ्तारी की गई है। जिक्रयोग्य है कि इस मामले में ये तीसरी गिरफ्तारी है, जबकि मास्टरमाइंड साहिल जैन व अमनदीप सिंह भुई को 23 फर्जी फर्मे बनाकर 393.91 करोड़ की बोगस बिलिंग के जरिए 33.02 करोड़ आई.टी.सी. का दावा करने के लिए गिरफ्तार किया जा चुका हैं। 

इस मामले संबंधी जानकारी देते हुए प्रिंसीपल कमिश्नर सी.जी.एस.टी. लुधियाना आशुतोष बरनवाल ने बताया कि आरोपी पवन कुमार को विभाग द्वारा गिरफ्तार कर 25 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त ने अपने बयानों में कहा है कि उसके नाम से 5 फर्में चलाई जा रही थीं, इन कंपनियों में किसी भी प्रकार की वास्तविक मॉल के लेन-देन के बिना बिल जारी किए जाते थे। वह कई फर्मों में मालिक व कई में पार्टनर था, इन 5 फर्मों में लगभग 105.93 करोड़ की बोगस बिल के माध्यम से 9.38 करोड़ का आई.टी.सी. दावा किया जा चुका था।

उन्होंने बताया कि वह साहिल जैन के पिता प्रदीप कुमार जैन के माध्यम से उनके सम्पर्क में आए थे और ये भी बताया कि साहिल जैन ने उन्हें कनाडा के पी.आर. का वादा किया था, साथ ही उन्हें महंगी शराब और सिगरेट भी देते थे। जिसके एवज में उक्त ने इस अपराध को अंजाम दिया। इस मामले में बरामद तमाम दस्तावेजों जैसे जी.एस.टी. रिटर्न, ई-वे बिल इत्यादि और पवन कुमार द्वारा जी.एस.टी. फ्रॉड को स्वीकार करने के बाद, आरोपी पवन कुमार को सैंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक्ट 2017 के प्रावधानों और निर्दिष्ट अपराधों के तहत गिरफ्तार किया गया है। 

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पवन कुमार को इस काम के एवज में 1.5-2 लाख की राशि भी दी गई थी, इसके अलावा साहिल जैन के पिता कनाडा पी.आर. का झांसा देकर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाते रहे, जिसके लिए उसे एक बार जालंधर के मशहूर वीजा कंसल्टेंट के पास भी लेकर गए थे। इस सारे फ्रॉड में साहिल जैन सहित पूरा परिवार शामिल है।


Sunita sarangal

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