'बधाई हो, आपकी लॉटरी लगी है...!' आपको भी आए ऐसा मैसेज तो हो जाएं सावधान
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 11:46 AM (IST)
लुधियाना (राज/अनिल): कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ छेड़ी गई जंग में एक बड़ी सफलता हासिल की है। 'गांधी लॉटरी लुधियाना' के नाम पर मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर ठग को पुलिस ने बिहार की गलियों से खींच निकाला है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा (IPS) के सख्त दिशा-निर्देशों और डीसीपी हरपाल सिंह (PPS) की कड़ी निगरानी में साइबर सेल की टीम ने इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क को करारा झटका दिया है।
एडीसीपी वैभव सहगल और एसीपी (साइबर क्राइम) मुराद जसवीर सिंह गिल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने बिहार के विभिन्न जिलों में एक साथ दबिश दी। पुलिस ने आरोपी प्रभात कुमार को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है, जो लंबे समय से लुधियाना और आसपास के इलाकों के लोगों को अपना निशाना बना रहा था। इस कार्रवाई का आधार 19 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया मुकदमा नंबर 13 बना, जिसमें एक व्यक्ति को 5 लाख रुपये की लॉटरी का झांसा देकर लाखों की चपत लगाई गई थी।
पकड़े गए आरोपी का तरीका इतना शातिर था कि कोई भी आसानी से इनके जाल में फंस जाता था। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह 'गांधी लॉटरी लुधियाना' का फर्जी नाम इस्तेमाल कर लोगों को व्हाट्सएप पर बधाई संदेश भेजता था। जब कोई व्यक्ति लालच में आकर उनसे संपर्क करता, तो पहले उसे बड़ी रकम जीतने का सपना दिखाया जाता और फिर शुरू होता था वसूली का खेल। कभी रजिस्ट्रेशन फीस तो कभी प्रोसेसिंग चार्ज और कभी टैक्स के नाम पर किस्तों में छोटी-छोटी रकमें मंगवाकर ये ठग लोगों का बैंक खाता खाली कर देते थे।
माननीय अदालत ने आरोपी का 24 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड मंजूर किया है। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में इस गिरोह के अन्य सदस्यों और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन ने जनता से पुरजोर अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या लॉटरी के झांसे में न आएं। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें ताकि आपकी गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सके।
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