कांग्रेसी पार्षद से परेशान डेयरी मालिक ने की आत्महत्या, मरने से पहले बनाई लाइव वीडियो

11/27/2020 4:06:06 PM

अमृतसर (संजीव): वार्ड नम्बर-18 के कांग्रेसी पार्षद संदीप रिंका से परेशान डेयरी मालिक रामलाल शर्मा ने सल्फास की गोलियां निगल आत्महत्या कर ली। पार्षद व उसके साथी रामलाल की दुकान खाली करवाने की खातिर हर हथकंडा अपना रहे थे। यह खुलासा मरने के बाद मृतक की जेब से निकले सुसाइड नोट से हुआ। थाना सदर की पुलिस ने पार्षद संदीप रिंका सहित 8 व्यक्तियों पर मरने के लिए मजबूर किए जाने का केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, जबकि पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी करने का दावा कर रही है। देर शाम मृतक के शव का पोस्टमार्टम के उपरांत अंतिम संस्कार करवा दिया गया।

मरने से पहले रामलाल ने बनाई थी लाइव वीडियो
मरने से पहले उपचार के लिए अस्पताल जाते समय रामलाल शर्मा ने अपनी लाइव वीडियो बनाई, जिसमें वह अपनी मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर कांग्रेसी पार्षद संदीप रिंका को ठहरा रहा था और बार-बार यह चिल्ला रहा था कि उसे रिंका ने मार डाला, उसे रिंका ने मार डाला। मरने से पहले रामलाल शर्मा ने पुलिस एवं जिला प्रशासन से भी गुहार लगाई कि उसके परिवार की रक्षा की जाए और उसकी मौत के जिम्मेदार आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले।

यह है मामला?
शिवाला बोहड़ वाला क्षेत्र में मरने वाला रामलाल शर्मा दूध की डेयरी करता था पिछले करीब 9 साल से उसने दुकान किराए पर ले रखी थी, जबकि दुकान मालिक पार्षद संदीप रिंका का रिश्तेदार था जो उस पर दुकान खाली करने का दबाव बना रहा था। कभी वह दुकान पर सैंपल भरने वालों को तो कभी पानी काटने वालों को भेजता था। यह पूरा खुलासा मृतक ने अपने सुसाइड नोट में किया। रामलाल शर्मा ने यहां तक लिखा कि पार्षद ने 30 -40 महिलाओं को दरी बिछाकर उसकी दुकान के बाहर बैठा दिया, जो उसे बुरा भला कहती थी। उसने पुलिस कमिश्नर को इस बारे में शिकायत की जिस पर थाना सदर की पुलिस आई मगर कोई कार्रवाई न होने के कारण आरोपियों के हौंसले और बढ़ गए थे। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि वह भाजपा का एक सिपाही है। लगभग 5-6 साल पहले पार्षद सदीप रिंका ने उसे धमकाया था कि जब भी उसकी सरकार आएगी। वह उसे देख लेगा कानून सबके लिए एक होना चाहिए। आज उसे इंसाफ न मिलने के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है, अगर समय पर पुलिस ठोस कार्रवाई कर देती तो शायद वह आत्महत्या करने पर मजबूर न होता।

यह कहना है पुलिस का?
थाना सदर के इंचार्ज का कहना है कि पार्षद संदीप रिंका सहित आठ व्यक्तियों के विरुद्ध आत्महत्या करने के लिए मजबूर किए जाने का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।


Mohit

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